Thursday, 25 March 2021

रजस्वला।


संस्कार विधि में रजस्वला स्त्री के स्पर्श का भी निषेध। उसके हाथ का पानी भी नहीं पीना।

आश्चर्य की बात है जहां आर्य समाजी रजस्वला स्त्रियों से हवन तक करवा डालते हैं,  गुरुकुलों में वेद पाठ तक करवाते रहते हैं तो वहीं स्वामी जी ने उसके हाथ का पानी पीना, उसे स्पर्श करने तक से मना किया है।

पौर्णमासी, अमावस, चतुर्दशी,अष्टमी पर समागम का निषेध। ये तो ज्योतिष वाली बात हो गयी।

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