Wednesday, 24 November 2021

स्त्री भूमि खेती।

*  बच्चे पैदा करने के लिए  स्त्रियों  की रचना  हुई है  केवल  ( मनुस्मुर्ती ९ : ९६ )

*  स्त्रियो को भूमि  और  खेती  के समान माना  जाता है ! ( मनुस्मुर्ती ९ : ३३  )

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* वेदों के अनुसार स्त्री केवल संतान उत्पादन का  यंत्र है 

 (ऋग्वेद 10 : 85 : 45 )


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हिन्दुइस्म  के अनुसार  स्त्रियाँ  खेती है  ? 

*  बच्चे पैदा करने के लिए  स्त्रियों  की रचना  हुई है  केवल  ( मनुस्मुर्ती ९ : ९६ )

*  स्त्रियो को भूमि  और  खेती  के समान माना  जाता है ! ( मनुस्मुर्ती ९ : ३३  )

* आत्मा  वाली उपजाऊ धरती यह नारी आई है  ,  हे नर  उस स्त्री  में बीज  बो  वह नारी पुरुष के दूध  के जैसा वीर्य  ( पानी ) को धारण करती है 
और तेरे लिए बच्चे पैदा करे !
 ( अर्थर्वेद  १४ : २ : १४ )

वेदो के अनुसार कितने बच्चे पैदा करे  ?

* हे वर इस  स्त्री को उत्तम पुत्र  कर इसमें १० बच्चो  को पैदा कर और  ११ तू  होजा !
( ऋग्वेद  १० : ८५ : ४७ )

 वेदो के अनुसार  स्त्री बच्चे पैदा करने की  मशीन 

* वीर्य सींचने , वीर्य धारण  करके स्त्री बच्चे  के लिए योनि में वीर्य  को धारण करे  वीर्य  सींचने पराक्रम करके बच्चे आपके संग पुत्रो का प्राप्त  होवे  ! 
( यजुर्वेद ८ : १० )

 * भावार्थ   : - स्त्रियाँ  बच्चो को पैदा करे और आनंद  प्राप्त  करे !

Ved aur nari

* यह स्त्री पुरुष  की कामना  करती आई है  और  पुरुष  स्त्रियों  की कामना  करता हुआ आया है जैसे  हिंसता  हुआ घोडा  ! ( अर्थववेद  २ : ३० : ५ ) घोड़े के जैसा पावर से करना चाहिए ! 

* पुरुष का लिंग स्त्री की योनि  में प्रवेश करता हुआ वीर्य को छोड़ता है  
( यजुर्वेद १९ : ७६ )

* हे मनुष्य  स्त्री  इस पति के सुन्दर अंग से सिर  के साथ सिर मुँह में मुँह मिला और दोनों बच्चे पैदा करो ! ( यजुर्वेद १९ : ८८ )

* हे स्त्री आ  और योनि में पुरुष का वीर्य  प्राप्त  करके बच्चे पैदा कर  ! 
( यजुर्वेद  १९ : ९४ )

* मेरी याद  करके बीज के भाग में योनि अंडे की आकरमें  सम्भोग का आनंद  लेकर लिंग से द्वारा  बच्चे पैदा कर  ( यजुर्वेद  २० : ९ )

* पुरुष के लिए बच्चे पैदा कर ! 
( अर्थवेद  ४५ : २ : २४ )

* हे वधु  तू प्रसन्न चित  होकर ऊपर चढ़ और यहाँ  इस पुरुष के लिए बच्चे पैदा कर ( अर्थवेद १४ : २  : ३१  )

* स्त्री को निश्चय  करके प्राप्त हुई है और उन्होंने शरीर को शरीर  से मिलाया है  , हे ! नारी इस पुरुष के लिए बच्चे पैदा कर  ! ( अर्थवेद १४ : २ : ३२ )

* तुम दोनों  सम्भोग करो और बच्चे पैदा करो  पुरुष स्त्री के ऊपर हो और बच्चे पैदा कर
 ( अर्थवेद १४ : २ : ३७ )

* हे पुरुष उस स्त्री  को काम पर लगा जिस में मनुष्य लोग वीर्य डालते है जो हमारी कामना  करती हुई दोनों जंघाओं  को  फैलाये  और  कामनापूर्ण  करते हुए मजे ले  ! ( अर्थवेद १४ : २ : ३८  ) 

* तूम जांघो के ऊपर आ हाथो का सहारा  दे प्रसन्न  चित होकर स्त्री  गर्भाधारण  करके बच्चे पैदा कर  !  
( अर्थवेद १४ : २ : ३९   ) 

Ved aur nari

* तूम दोनों बच्चे पैदा करो !
( अर्थवेद १४ : २ : ४०   )  

* जन  नियंत्रण  कानून  कहते है यहाँ तो बच्चे पैदा करते रहो  इतने बच्चे बच्चे सुन  सुनकर मेरे आँखों  के सामने बच्चे  ही बच्चे  नजर आ रहे है  ?

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