दयानंद सरस्वती ने वेदों पर भाषा आदि पणयनकर एक नवीन विचारधारा को पुष्ट किया जो प्राचीन सनातन परंपरा से मेल नहीं खाती.
वेद कथाड्क पेज ऩबर 436
दोस्तों मैं एक मुसलमान हूं इसलिए मेरा फर्ज है समाज की गंदगी को खत्म करना इसलिए आर्य समाज नामी गंदगी को खत्म होना चाहिए जिसने समाज को गुमराह ...
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